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उत्तराखंड- टिहरी रियासत (भाग – 3) [Uttarakhand – Tehri Princely State (Part -3)]

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उत्तराखंड- टिहरी रियासत (भाग – 3)


Uttarakhand – Tehri Princely State (Part -3)


4. कीर्ति शाह (1886 – 1913) – 

  • कीर्ति शाह 13 वर्ष की उम्र में राजा बन गया था।
  • कम उम्र में राजा बंनने के कारण कीर्ति शाह की संरक्षिका महारानी गुलेरिया बनी थी।
  • कीर्ति शाह ने अजमेर के मेयो स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी।
  • कीर्ति शाह की संस्कृत , हिंदी , फ्रेंच , उर्दू , अंग्रेजी आदि भाषाओँ का ज्ञान था।
  • कीर्ति शाह ने 1891 में प्रताप हाईस्कूल की स्थापना की थी।
  • 1892 को महारानी गुलेरिया रानी देवी ने कीर्तिशाह को राज्यभार सौंपा तथा स्वयं सन्यास ले लिया।
  • 1897 में कीर्ति शाह ने 110 मीटर ऊँचे घंटाघर का निर्माण कराया था।
  • 1907 में कीर्ति शाह कैम्पबैल बोर्डिंग हाउस की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह ने 1907 में हीवेट संस्कृत पाठशाला की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह द्वारा कीर्ति नगर की स्थापना की गयी थी।
  • कीर्ति शाह ने यमुना नदी पर हीवेट पुल का निर्माण कराया था।
  • कीर्ति शाह ने उत्तरकाशी में कुष्ठ आश्रम की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह ने टिहरी में बैंक ओऑफ़ गढ़वाल की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह प्रथम शासक था जिसने टिहरी में प्रथम बार बिजली की सुविधा जनता को दी थी।
  • कीर्ति शाह ने नगर में नगर पालिका की स्थापना की थी तथा जंगलाद व् कचहरी की कार्यप्रणाली में सुधर किया था।
  • कीर्ति शाह ने टिहरी में कृषको के लिए कृषि बैंक की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह  ने टिहरी रियासत में पाक्षिका पत्र रियासत टिहरी गढ़वाल दरबार गजट प्रकाशित किया था।
  • 1902 में स्वामी रामतीर्थ कीर्ति शाह के दरबार में आये थे। उसके बाद 1902 में स्वामी रामतीर्थ को कीर्ति शाह ने अपने खर्च पर नेपाल में आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में भाग लेने भेजा था।
  • भक्त दर्शन ने कीर्ति शाह की राजश्री की उपाधि दी है।
  • पंवार राजवंश का सबसे योग्य व जनता का प्रिय शासक कीर्ति शाह को ही माना जाता है।
  • 1892 में अंग्रेजी वायसराय लार्ड लैंसडोन ने घोषणा की थी कि भारतीय राज्यों के प्रतेक राजा को कीर्ति शाह को अपना आदर्श मानना चाहिये।
  • कीर्ति शाह ने टिहरी में लोक निर्माण विभाग ( Public Works Department P.W.D.) की स्थापना की थी।
  • कीर्ति शाह को उत्तराखंड का अकबर कहा जाता है।
  • कीर्ति शाह के द्वारा तारादत्त गैरोला को क़ानूनी सलाहकार बनाया था।
  • कीर्ति शाह को महर्षि के नाम से जाना जाता है।
  • कीर्ति शाह ने कन्या विक्रय कानून बनया था।
  • कीर्ति शाह ने हिंदी टाइपराइटर का आविष्कार किया था।
  • हरिकृष्ण रतूणी द्वारा गढ़वाल का इतिहास कीर्ति शाह के समय में ही लिखा गया था।
  • कीर्ति शाह की सर कीर्ति शाह की उपाधि दी गयी थी।
  • 1898 में कीर्ति शाह को कंपोनिया ऑफ इंडिया  उपाधि दी गयी थी।
  • 1900 में कीर्ति शाह इंग्लैंड गए तो उन्हें वहां 11 तोपों की सलामी दी गयी।
  • 1903 में कीर्ति शाह को अंग्रेजों द्वारा CSI(कमांडर स्टेट ऑफ इंडिया) की उपाधि दी थी।
  • कीर्ति शाह का विवाह नेपाल के प्रधानमंत्री जंगबहादुर की पौत्री रानी नेपालिया के साथ हुआ था।
  • कीर्ति शाह ने प्राथमिक पाठशालाए अनेक गरम में खोली थी।

 

नरेंद्र शाह(1913-1946) – 

  • नरेन्द्र शाह कीर्ति शाह का पुत्र था।
  • नरेन्द्र शाह की संरक्षिका राजमाता नेपालिया थी।
  • नरेन्द्र शाह 15 वर्ष की आयु में राजगद्दी पर बैठे थे।
  • नरेन्द्र शाह ने अपने पिता कीर्ति शाह की याद में बनारस विश्व विद्यालय को 1 लाख रूपये दान में दिए थे।
  • जिसके बाद बनारस विश्वविद्यालय ने नरेन्द्र शाह के पिता कीर्ति शाह के सम्मान में एक पुरूस्कार की शुरुवात की जिसे सर कीर्ति शाह चेयर इंडस्ट्रीयल कैमेस्ट्री कहा जाता है।
  • 1918 में नरेन्द्र हिन्दू लाँ ग्रन्थ प्रकासन हुआ।
  • 1919 में नरेन्द्र शाह द्वारा पंचायतों की स्थापना की गयी।
  • 1920 कृषि बैंक की स्थापना की गयी।
  • 1920 छात्रविति निधि की स्थापना की गयी।
  • 1921 में नरेन्द्र शाह द्वारा टिहरी में प्रथम बार जनगणना की गयी।
  • 1921 में नरेन्द्र शाह द्वारा देवलगढ़ यात्रा व कुलदेवी राजराजेश्वरी मन्दिर का जीर्णोद्धार कराया गया।
  • 1921 में नरेन्द्र शाह द्वारा नरेंद्र नगर की स्थापना की गयी थी।
  • 1923 में नरेन्द्र शाह द्वारा टिहरी में आधुनिक चिकित्सालय बनवाया गया था।
  • 1923 में नरेन्द्र शाह द्वारा राज्य प्रतिनिधि सभा की स्थापना की गयी थी।
  • 1923 में नरेन्द्र शाह द्वारा सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की गयी थी।
  • 1924 में नरेन्द्र शाह द्वारा नरेंद्रनगर में राजभवन का निर्माण कराया था।
  • 1925 में नरेन्द्र शाह ने नरेंद्रनगर को अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाई।
  • 1937 में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने नरेन्द्र शाह को L.L.D की उपाधि दी गयी थी।
  • 1938 में नरेन्द्र नगर में टिहरी हाईकोर्ट (हुजुर कोर्ट) की स्थापना की थी।
  • 1940 में नरेन्द्र शाह द्वारा प्रताप इंटर कॉलेज की स्थापना की थी।
  • 1942 में नरेन्द्र शाह द्वारा कन्या पाठशाला की स्थापना की थी।
  • नरेन्द्र शाह ने अपने सड़को का निर्माण कराया था। इसी कारण नरेंद्र शाह को परमार वंश का शेरशाह सूरी भी कहा जाता है।
  • नरन्द्र शाह ने डॉक्टरों के लिए दवाखाने खोले।
  • नरेन्द्र शाह को अंग्रेजों द्वारा गढ़वाली फौजों का स्थाई लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया गया था।
  • नरेन्द्र शाह के द्वारा डोरी पैमाइसभूमि व्यवस्था लागू की गयी थी।
  • नरेन्द्र शाह ने राज्य के युवको को प्रशिक्षण हेतु F.R.I. [Forest Research Institute (Dehradun)] भेजा था।
  • नरेन्द्र शाह का दीवान चक्रधर जुयाल था।
  • 30 मई 1930 को तिलाड़ी कांड नरेन्द्र शाह के समय ही हुआ था।
  • तिलाड़ी कांड में कुछ आंदोलनकारी यमुना नदी के तट पर वन संबंधी आंदोलन का विरोध कर रहे थे इन आंदोलनकारियों पर नरेंद्र शाह के दीवान चक्रधर जुयाल ने गोली चलवाई थी।
  • तिलाड़ी कांड घटना को उत्तराखंड का जलियांवाला बाग हत्याकांड भी कहा जाता है।
  • तिलाड़ी कांड घटना के बाद ही चक्रधर जुयाल को उत्तराखंड का जनरल डायर कहा जाता है।
  • 23 जनवरी 1939 में प्रजामंडल की स्थापना हुई थी।
  • नरेन्द्र शाह को अलंकारी की उपाधि दी गयी थी।
  • 25 जुलाई 1944 को श्री देव सुमन की मृत्यु नरेंद्र शाह के शासन काल मे हुई थी।
  • 1946 को नरेंद्र शाह ने स्वयं त्यागपत्र देकर अपने पुत्र मानवेन्द्र शाह को राजा बनाया था।
  • 22 सितम्बर 1950 को नरेंद्र शाह की मृत्यु हो गयी थी।

मानवेन्द्र शाह(1946-1949) –

  • मानवेन्द्र शाह टिहरी राजवंश का अंतिम शासक था।
  • पंवार वंश का यह 60वाँ राजा था।
  • मानवेन्द्र शाह की माता का नाम इंदुमती शाह था।
  • मानवेन्द्र शाह के पिता का नाम नरेंद्र शाह था।
  • 19 अगस्त 1946 को अगस्त समझौता किया गया था।
  • यह अगस्त समझौता टिहरी दरबार व प्रजामण्डल के मध्य हुआ था।
  • इसके समझौते के तहत प्रजामण्डल के बन्दी बनाये गये सदस्यों को मुक्त किया जाएगा व प्रजामंडल के कार्यो में किसी भी व्यक्ति द्वारा बाधा नहीं डाली जाएगी।
  • 1946-47 में मानवेन्द्र शाह के शासन के दौरान सकलाना विद्रोह (कीर्ति नगर विद्रोह) हुआ था।
  • अप्रैल 1947 को शांति रक्षा अधिनियम लाया गया था।
  • 1 अगस्त 1949 को तेहरी रियासत का भारत में विलेय हो गया था तथा यह उत्तर प्रदेश का 50 वाँ जनपद बनाया गया था।
  • राजमाता कमलेंदुमति शाह टिहरी से प्रथम सांसद थी।
  • 1959 से 2004 तक मानवेन्द्र शाह टिहरी गढ़वाल से 8 बार सांसद (Member of parliament) निर्वाचित हुए।
  • 5 jan 2007 को मानवेन्द्र शाह की मृत्यु हो गयी थी।
  • 2007 – 2009 – विजय बहुगुणा (Vijay Bahuguna) सांसद (Member of parliament)
  • 2012, 2014, 2019 में मालाराज लक्ष्मीशाह (Malaraj Laxmishah) सांसद (Member of parliament) बनी।

 

 

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