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लोंगेवाला युद्ध (Longewala War)

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लोंगेवाला युद्ध युद्ध 4 दिसम्बर 1971 से 7 दिसम्बर 1971 तक चला । इस युद्ध मे 120 भारतीय सैनिको ने 2000 पाकिस्तानी सैनिको को और 45 टैंक्स को हराया था , इसलिए भी ये युद्ध बहुत एतिहासिक है ।

लोंगेवाला युद्ध क्यों हुआ ?

पाकिस्तानी आर्मी का प्लेन था की सुबह का नास्ता लोंगेवाला में , दिन का खाना जैसलमेर और रात का खाना जोधपुर में करने का था ।ये वो समय था जब पूरी फौज पूर्व पाकिस्तान की तरफ थी क्योंकि उस टाइम वहां पर युद्ध चल रहा था । इसी के चलते इस पोस्ट में इतने कम सैनिक थे ।

लोंगेवाला पोस्ट 23rd पंजाब रेजिमेंट के अंदर थी । इस रेजिमेंट में उस टाइम केवल 120 सैनिक थे । जिनके पास केवल रेकोइल्लेस गन , M40 जीप , माउंटेड गन थी । ना कोई टैंक,ना आर्टिलरी सपोर्ट था । ये गाथा है उन 120 वीरो की जिनकी वजह से पकिस्तान की नापाक हरकत पर पानी फिर गया ।

यूनिट की कमांड उस टाइम मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के पास थी ।इनको आर्डर मीले की अपनी पोस्ट छोड़ के पीछे हट जाओ क्योंकि उस टाइम हमारे फाइटर जेट इतने अच्छे नही थे कि वो रात में भी लड़ सके , लेकिन फिर भी लास्ट डिसिशन मेजर और उनके सैनिको को लेना था । जब मेजर कुलदीप ने अपने सैनिको से कहा कि उनको आर्डर मीले है ,पोस्ट छोड़ के पीछे जाने के तो सबने एक ही बात कही की हम अपनी पोस्ट छोड़ के कहि नही जाएंगे , और सबने लड़ने का फैसला किया ।

4 दिसंबर 1971 को पकिस्तानी टैंक रगीमेंट ने रात 12:30 पर हिंदुस्तान पर तीन तरफ से हमला कर दिया । जीप माउंटेड गन M40 को सूबेदार रतन सिंह चला रहे थे , और उन्होंने 2 पाकिस्तानी टैंको तो तबाह कर दिया था । जैसे – जैसे रात हो रही थी पाकिस्तानियो ने अपनी ताकत से हालमा करना शुरू कर दिया था पर इंडियन आर्मी डटी रही और पाकिस्तानियो को मोह तोड़ जवाब दिया और उनके 12 टैंक तबाह कर दिए । सुबह 5 बजे इंडियन एयर फोर्स ने H. F. Marutऔर Hawker Hunter के साथ रॉकेट्स से पाकिस्तानी टैंक आर्मी पर हमला कर दिया ।

इंडियन एयर फोर्स ने चंद ही मिनटों में पाकिस्तान के 22 टैंक तबाह कर दिए । अब पाकिस्तानी खेमे में खलबली मच चुकी थी ,और उनके सैनिक पीछे भागने लगे । ये पाकिस्तन की सबसे शर्मनाक हार थी।  लोंगेवाला युद्ध में भारत के  2 जवान शहीद हुए तथा 1 जीप माउंटेड गन का नुकसान हुआ । पाकिस्तान के 200 जवान मारे गए , 35 टैंक और 100 से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुँचा । लोंगेवाला युद्ध के बाद पाकिस्तान की सारी यूनिट को सेविस से डिसमिस कर दिया गया था । वहाँ पर एक मंदिर भी था । जिसे तनोट माता मंदिर के नाम से जाना जाता हैं। इस मंदिर के पास जितने भी बम गिरे उनमे से एक भी नही फूटा । जो कि एक चमत्कार से कम नही था । आज भी वो सारे बम , मिसाइल वही मंदिर पर रखे हुए है ।इंडियन एयर फोर्स ने चंद ही मिनटों में पाकिस्तान के 22 टैंक तबाह कर दिए । अब पाकिस्तानी खेमे में खलबली मच चुकी थी ,और उनके सैनिक पीछे भागने लगे । ये पाकिस्तन की सबसे शर्मनाक हार थी।  लोंगेवाला युद्ध में भारत के  2 जवान शहीद हुए तथा 1 जीप माउंटेड गन का नुकसान हुआ । पाकिस्तान के 200 जवान मारे गए , 35 टैंक और 100 से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुँचा । लोंगेवाला युद्ध के बाद पाकिस्तान की सारी यूनिट को सेविस से डिसमिस कर दिया गया था । वहाँ पर एक मंदिर भी था । जिसे तनोट माता मंदिर के नाम से जाना जाता हैं। इस मंदिर के पास जितने भी बम गिरे उनमे से एक भी नही फूटा । जो कि एक चमत्कार से कम नही था । आज भी वो सारे बम , मिसाइल वही मंदिर पर रखे हुए है ।

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